संस्कृति और विरासत

जिले की सांस्कृतिक विरासत अतीत में सूर्यवंशी राजाओं से प्रारंभ होती है। सूर्यवंशी क्षत्रियों की वंश परंपरा में राजा रघु एक प्रतापी एवं लोकप्रिय राजा हुए थे जिनकी तीसरी पीढ़ी में श्री राम का जन्म हुआ| हिन्दू जनमानस में राजा राम भगवन के रूप में पूज्य हैं| भारत के इतिहास में रामायण काल सबसे गौरवशाली अतीत के रूप में याद किया जाता है| इस अवधि में न केवल पवित्रतम ग्रंथों और अन्य पवित्र साहित्यों की रचना के माध्यम से भारतीय संस्कृति और सभ्यता की नींव रखी गई थी, अपितु यह युग रामराज्य के रूप में भारतीय जनमानस में एक आदर्श राजनीतिक एवं सामाजिक व्यवस्था के रूप में अपना स्थान बनाये हुए है| इस युग में राजा अपनी प्रजा के प्रति उत्तरदायी होता था| रामचरितमानस नामक महाकाव्य की जनमानस के बीच में आदर इस तथ्य की पुष्टि करता है| इस महाकाव्य में श्री राम को आदर्श पुरुष के रूप में दर्शाया गया है| उनके वनवास के चौदह वर्षों का विवरण जनसामान्य को सबसे अधिक आकर्षित एवं प्रभावित करता है| अपने पिता के वचनमात्र की रक्षा के लिए उनके द्वारा सम्पूर्ण सुख सुविधाओ का त्याग करके सहर्ष वनवास को स्वीकार करना उनके जीवन के आदर्शों को दर्शाता है| इसके अतिरिक्त फैजाबाद का आधुनिक भारत के इतिहास में भी अभूतपूर्व योगदान रहा है|